500+
ट्रैक्टर मालिक
5+
साल का अनुभव
3
ज़िले
4.9★
यूज़र रेटिंग
हर ट्रैक्टर मालिक को एक होशियार साथी चाहिए
आज भी मध्यप्रदेश, Maharashtra और Chhattisgarh के गाँवों में ट्रैक्टर मालिक भाई कागज़-कॉपी में हिसाब रखते हैं। बारिश आई, डायरी भीगी, और महीने का हिसाब चला गया। ड्राइवर ने ज़्यादा घंटे गिने, किसान ने कम माना, झगड़ा हो गया। एग्रीमैनेजर इन्हीं असली समस्याओं का एक सच्चा डिजिटल समाधान है।
AgriManager.
गाँव के ट्रैक्टर मालिकों का सबसे भरोसेमंद डिजिटल साथी।
Yogesh Gadhewal
संस्थापक एवं CEO
योगेश गढ़ेवाल की सोच
"मेरा सपना सीधा है: गाँव का हर ट्रैक्टर मालिक अपनी मेहनत के पूरे पैसे वसूले। एग्रीमैनेजर कोई बड़ी कंपनी का फैंसी सॉफ्टवेयर नहीं है, यह उन भाइयों के लिए बनाया गया है जो खेत में पसीना बहाते हैं और रात को थके-हारे घर आते हैं।"
योगेश गढ़ेवाल मध्यप्रदेश के एक छोटे से गाँव से हैं। बचपन से उन्होंने देखा कि उनके आसपास के ट्रैक्टर मालिक भाई साल भर मेहनत करते हैं लेकिन कागजी हिसाब की गड़बड़ियों की वजह से उनकी कमाई का एक बड़ा हिस्सा डूब जाता था। यही तकलीफ उनके दिल में घर कर गई और उन्होंने तय किया कि एक ऐसा सरल डिजिटल टूल बनाएँगे जो हर ट्रैक्टर मालिक इस्तेमाल कर सके, चाहे वो पढ़ा-लिखा हो या न हो।
शुरुआत से आज तक
समस्या पहचानी
योगेश ने पहली बार महसूस किया कि ट्रैक्टर मालिक भाइयों को एक डिजिटल हिसाब ऐप की ज़रूरत है।
पहला वर्शन बना
एग्रीमैनेजर का पहला बेसिक वर्शन बनाया गया और 20 ट्रैक्टर मालिकों के साथ टेस्ट किया।
500+ मालिक जुड़े
एग्रीमैनेजर ने मध्यप्रदेश के कई जिलों में अपनी पहचान बनाई और 500 से ज़्यादा मालिक जुड़े।
और आगे बढ़ रहे हैं
नए फीचर्स, बेहतर हिंदी सपोर्ट और अन्य राज्यों में विस्तार, यात्रा जारी है।
जिन बातों पर हम कभी समझौता नहीं करते
भरोसा और सुरक्षा
आपका पूरा हिसाब और डाटा हमारे सर्वर पर ताला लगाकर बंद है, सिर्फ आप ही देख सकते हैं।
बेहद आसान डिज़ाइन
ऐप इस तरह बना है कि खेत-खलिहान में काम करने वाला भाई भी आसानी से इस्तेमाल कर सके।
गाँव का विकास
हम मानते हैं कि जब गाँव का ट्रैक्टर मालिक तरक्की करता है, तो पूरा गाँव आगे बढ़ता है।